आगरा - साइबर सुरक्षा वर्तमान समय में बहुत आवश्यक
परिषदीय स्कूलों के बच्चे कंप्यूटर शिक्षा ग्रहण करेंगे। कोडिंग से लेकर आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस उनके पाठ्यक्रम का हिस्सा बन चुका है। वर्तमान सत्र से बच्चों को यह विषय पढ़ाया जा रहा है । इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग के 200 शिक्षकों को गत सत्र पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया था । उन्हीं शिक्षकों को एक दिवसीय फालोअप प्रशिक्षण जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान आगरा में संचालित किया जा रहा है जिससे शिक्षक खुद अपना ज्ञान बढ़ा अद्यतन कर शिक्षण के लिए पारंगत हो सकें और वह विद्यार्थियों को कंप्यूटर विषय की पढ़ाई अच्छे से करा सकें। प्रशिक्षण के अवसर पर जानकारी देते हुए प्राचार्य डायट पुष्पा कुमारी ने बताया कि शीघ्र ही जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में जिले के सभी ब्लॉक से परिषदीय विद्यालय एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के अवशेष शिक्षकों सहित कुल 670 विज्ञान शिक्षकों को इस वर्ष पांच दिवसीय प्रशिक्षण भी कराया जाएगा । डायट प्रवक्ता एवं प्रशिक्षण प्रभारी डा मनोज कुमार वार्ष्णेय ने बताया पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान कंप्यूटर का परिचय, एमएस वर्ड एवं इसके एप्लीकेशन एमएस एक्सेल एप्लीकेशन, इंटरनेट, नेटवर्किंग, ईमेल, एमएस पेंट, लाजिकल थिंकिंग, स्क्रैच अनुप्रयोग, कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग में पायथन एप्लीकेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस , डेटा साइंस साइबर सुरक्षा एवं नैतिकता आदि विषयो पर प्रशिक्षण के सत्र संचालित किए जाएंगे।
इस समय संचालित एक दिवसीय डिजिटल लिट्रेसी, कोडिंग और कंप्यूटेशनल थिंकिंग के इस कोर्स में शिक्षकों को कक्षा 6 से 8 तक के लिए विकसित किए गए पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई कराने के फालोअप किया जा रहा है जिससे शिक्षण प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा सके । संदर्भदाता तेजेंद्र सिंह, अजय कुमार शर्मा, मिली जैन तथा डा मनोज कुमार वार्ष्णेय ने गत वर्ष संचालित प्रशिक्षण का फीडबैक लेते हुए एक्सेल, माइक्रोसॉफ्ट वर्ड, पायथन, स्क्रैच, साइबर सुुरक्षा आदि पर सत्रों का संचालन किया । दो दिन चले इस प्रशिक्षण में 195 से अधिक परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों ने प्रतिभाग किया । समापन के अवसर पर प्राचार्य डायट पुष्पा कुमारी ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित करते हुए कहा कि कम्प्यूटर व तकनीकी का ज्ञान एवं साइबर सुरक्षा की जानकारी वर्तमान समय में सभी को बहुत आवश्यक है। । प्रशिक्षण में प्रवक्ता हिमांशु सिंह, अनिल कुमार, यशवीर सिंह, रचना यादव,डा प्रज्ञा शर्मा, लक्ष्मी शर्मा, संजीव कुमार सत्यार्थी, पुष्पेंद्र सिंह, यशपाल सिंह, धर्मेंद्र प्रसाद गौतम, अबू मुहम्मद आसिफ, रंजना पाण्डेय, डा दिलीप गुप्ता का विशेष सहयोग रहा।
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