गोवर्धन लाल वर्मा की रिपोर्ट
*बजट से पहले होमगार्ड के विराम भत्ते पर चली सरकारी कैची*
जयपुर/दौसा। राजस्थान सरकार ने एक आदेश जारी कर जिले के होमगार्ड सहित प्रदेश भर के होमगार्ड जवानों का जो पिछली कांग्रेस सरकार ने T.A पर अस्थाई रोक लगाई थी। उसे वर्तमान भाजपा सरकार ने आज हटाते हुए नये आदेश जारी किये है। जिसमें अर्बन होमगार्ड को महिने मे 7 दिन ओर वर्ष भर में अधिकतम 30 दिवस ही विराम भत्ता दिये जाने का फरमान जारी किया है। जानकारी के लिए बता दे कि सरकार होमगार्ड को मैस भत्ता नही देती है। इसी प्रकार बॉर्डर होमगार्ड को एक माह में अधिकतम 15 दिवस और वर्ष भर में अधिकतम 60 दिवस विराम भत्ता दिये जाने के आदेश जारी किए गए है। ऐसे में सरकार के एक आदेश ने प्रदेश भर के होमगार्ड की निंद उड़ा दी है।
*क्या हैं नियम होमगार्ड रूल्स के मुताबिक* जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर से अधिक कही बाहर ड्यूटी नियोजित होती है तो होमगार्ड को प्रति दिन के 250 रूपए विराम भत्ता देय होता है। सरकार स्वयं कानुन व्यवस्था बहाली के लिए होमगार्ड को बड़े मेले जैसे रामदेवजी का हो या राजस्थान मे बहुतायत जगह पर मेला होता है वहां कानुन व्यवस्था बहाली के लिए या फिर अन्य जैसे होली, दिपावली, ईद मोहर्रम या फिर कही भी आपातकाल हो या बोर्ड परिक्षा या फिर कोई भी भर्ती परीक्षा पेपर सुरक्षा मे नियोजित करती आई है। इसके अतिरिक्त वन विभाग हो या खनन विभाग या फिर बडी कम्पनियों मे जहां होमगार्ड को नियोजित किया जाता है। तो ये विराम भत्ता भी सबंधित कम्पनी ही देती है। बजट से पहले जिले सहित प्रदेश भर के होमगार्ड के हक और अधिकारों पर सरकारी कैची चली है।
*क्या कहता है सुप्रीम कोर्ट* होमगार्ड के वेतन ओर भत्ते को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट का खुला आदेश है। कि होमगार्ड को पुलिस के सिपाही के न्यूनतम बेसिक वेतन के समान वेतन, ओर T.A व D.A मिलना चाहिए।ऐसा आदेश सुप्रीम कोर्ट 2015 में दे चुका है। इसी आदेश को लेकर होमगार्ड कोर्ट गए ओर जिते ओर 2017 मे भाजपा की वसुंधरा सरकार ने इस आदेश के तहत पुलिस के सिपाही के न्यूनतम वेतन के बराबर तो वेतन दिया। लेकिन D.A नही दिया। ओर गत कांग्रेस सरकार ने तो होमगार्ड के विराम भत्ता जो की पिछले पचास साल से होमगार्ड को देय है उस पर अस्थाई रोक लगा दी। वर्तमान मे भी होमगार्ड D.A की लड़ाई को लेकर कोर्ट गए ओर वहां भी उसे जीत मिली। कोर्ट के आदेश हुए करीबन एक साल हो गया कंटेम के नोटिस भी जारी हो गए। होमगार्ड को D.A लागू करने की बजाय वर्तमान भाजपा सरकार होमगार्ड का विराम भत्ता पर ही कटौती कर रही है। ऐसे मे ये सरकार का फैसला कितना सही है ये तो वक्त ही बताएगा। क्या एक बार फिर कोर्ट का रास्ता खटखटायेगे होमगार्ड स्वयंसेवक या फिर सरकार करेगी पुनः विचार पहले से ही कई मामलो मे होमगार्ड स्वयंसेवक के मामले मे होमगार्ड समन्वय समिति जा चुकी है कोर्ट एक बार फिर क्या खटखटाएगी कोर्ट का दरवाजा।
*इनका कहना...?* होमगार्ड समन्वय समिति ने विराम भत्ते पर जताई नाराजगी कहा जवान अपने ट्रेनिंग सेंटर से 60 से 70 किलीमीटर दूर करते है ड्यूटी जवानों को विराम भत्ते का हो रहा है नुकसान जल्द ही होमगार्ड मंत्री बाबूलाल खराड़ी से करेंगे मुलाकात समन्वय समिति से एक डेलिकेशन करेगा जल्द ही मुलाकात।
*आनंद प्रकाश टोकसिया* *प्रदेशाध्यक्ष होमगार्ड समन्वय समिति जयपुर*
SOCIAL PLUGIN (PLEASE FOLLOW US)