ग्राम प्रधान पर कार्रवाई कैसे और कब हो सकती है? जानिए पूरी प्रक्रिया
ग्राम प्रधान पंचायत का निर्वाचित प्रतिनिधि होता है, लेकिन अगर उस पर भ्रष्टाचार, धन गबन या लापरवाही के आरोप लगते हैं, तो प्रशासन उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।
कार्रवाई कैसे हो सकती है?
1️⃣ शिकायत दर्ज होने पर
सबसे पहले ग्रामीण, वार्ड सदस्य या कोई भी नागरिक लिखित शिकायत करता है।
2️⃣ प्रारंभिक जांच
जिला प्रशासन या ब्लॉक स्तर पर जांच टीम बनाई जाती है। दस्तावेज, भुगतान रजिस्टर और कार्य स्थल की जांच की जाती है।
3️⃣ स्पष्टीकरण नोटिस
अगर प्रथम दृष्टया गड़बड़ी मिलती है तो प्रधान को कारण बताओ नोटिस दिया जाता है।
4️⃣ निलंबन (Suspension)
गंभीर आरोपों में जांच पूरी होने तक प्रधान को निलंबित किया जा सकता है।
5️⃣ पद से हटाना
यदि आरोप साबित हो जाएं, तो जिला अधिकारी या संबंधित प्राधिकारी प्रधान को पद से हटा सकते हैं।
6️⃣ कानूनी कार्रवाई
धन गबन या फर्जीवाड़े के मामले में FIR दर्ज कर जेल तक की कार्रवाई संभव है।
कार्रवाई कब हो सकती है?
✔️ जब वित्तीय अनियमितता के प्रमाण मिलें
✔️ जब सरकारी योजना में फर्जीवाड़ा साबित हो
✔️ जब पंचायत सदस्यों का बहुमत अविश्वास प्रस्ताव लाए
✔️ जब प्रशासनिक जांच रिपोर्ट में दोष सिद्ध हो
अविश्वास प्रस्ताव कब लाया जा सकता है?
निर्धारित अवधि (आमतौर पर कार्यकाल के 2 वर्ष बाद) में पंचायत सदस्य अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं। यदि बहुमत से प्रस्ताव पास हो जाता है, तो प्रधान पद से हटाया जा सकता है।
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