सम्भल
ग्रामीण सचिवालय में ताले, झोले में गांव की सरकार नल की हालत बेकार
जुनावई ब्लॉक के ग्राम मडकावाली में ग्राम पंचायत सचिवालय की दिन पे दिन हालत बेकार होती जा रही ,गाँव वालों का आरोप है कि नहीं ग्राम प्रधान किरन कुमारी सचिवालय पर कभी नहीं आती नहीं यहाँ के सचिव उमेश कुमार आते हैं गांव के लोगों को आय, जाति या अन्य प्रमाणपत्र बनवाने के लिए तहसील या जिला मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े, इसके लिए शासन ने हर ग्राम पंचायत में पंचायत भवन का निर्माण कराया है। प्रति पंचायत भवन पर 10 से 12 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। पंचायत सहायक भी नियुक्त किए गए हैं लेकिन इसका लाभ आम लोगों को नहीं मिल रहा है। हालत यह है कि अधिकतर पंचायत भवनों (मिनी सचिवालय) पर ताले लटक रहे हैं। ग्राम प्रधान अपने साथ झोले में मुहर और अन्य कागजात रखते हैं और जरूरत पड़ने पर किसी प्रमाणपत्र जारी कर देते हैं।सरकार की मंशा पंचायत भवन को मिनी सचिवालय के रूप में विकसित करना है, जहां ग्रामीणों की फरियाद सुनकर उनकी समस्याएं दूर की जा सकें। ग्राम पंचायत के कार्यों को आसान बनाने के लिए पंचायत सहायकों की नियुक्ति भी की गई। इसके बाद भी पंचायत भवनों की स्थिति यथावत ही है। खास बात तो यह है कि ग्राम प्रधान किरन कुमारी और सचिव की मिली भगत से पेसा निकाल लिया जाता है हैण्डपम्प मरम्मत के नाम पर पेसा भी निकाला गया है लेकिन हालत देखो सचिवालय पेंटिंग के नाम पर पेसा निकाला गया ग्रामीणों का आरोप है कि पेसा निकल जाता है काम नहीं होता लेकिन सभी अधिकारी मोन है किया यही है योगी सरकार
वेदप्रकाश की रिपोर्ट
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