बैतूल / स्वास्थ्य सेवाएं शासन की प्राथमिकताओं में सर्वोपरि : कलेक्टर सूर्यवंशी ।
लापरवाह बीएमओ को करें नोटिस जारी ।
कलेक्टर श्री नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में से एक है। आपको यह सुनिश्चित करना है कि इन योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक हितग्राही तक पहुंचाया जाए। कलेक्टर गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग मे चलने वाली योजनाओं के संबंध में बीएमओ को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने योजनाओं की बिन्दुवार समीक्षा करते हुए गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण के आकड़ों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि लापरवाही पूर्वक काम करने वाले बीएमओ के खिलाफ नोटिस जारी करें। उन्होंने कहा कि 15 दिन में अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट में सुधार करें, अन्यथा उसके बाद की कार्रवाई के लिए आप लोग तैयार रहें।
आल्टरनेट डे करूंगा समीक्षा
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं शासन की प्राथमिकताओं में से एक है। मैं एक दिन छोडक़र एक दिन आप लोगों से वर्चुअली योजनावार समीक्षा करूंगा। उन्होंने कहा कि योजनाओं में टारगेट तक नहीं पहुंचने के पीछे आपकी पुअर मॉनिटरिंग है। अपने अधीनस्थों को गंभीरता से काम करने के लिए कड़ाई से निर्देशित करें। सरकारी काम में लापरवाही के लिए संबंधित को बचाए नहीं उसके विरुद्ध कार्रवाई करें। कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने नियमित मॉनीटरिंग करने हेतु सख्त लहजें में निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि यदि लापरवाह व्यक्ति के विरूद्ध कार्यवाही नहीं की गई तो उपकृत करने वाले अधिकारी/कर्मचारी को भी बख्शा नहीं जायेगा।
मैदानी स्तर तक के कार्यकर्ताओं की खण्ड चिकित्सा अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग
करें एवं दी गई सेवाओं की तत्काल संबधित ऑनलाईन पोर्टल में एन्ट्री की जाये। यदि कोई हितग्राही शासन की हितग्राही मूलक योजना से लाभान्वित होने से रह जाता है तो उसकी वसूली मैदानी कर्मचारियों एवं अधिकारियों से की जायेगी और संबंधित खण्ड चिकित्सा अधिकारी इसके लिये जवाबदेह होंगे। स्वास्थ्य कार्यक्रमों की उपलब्धियों में कमी का सबसे बड़ा कारण आंकड़ों को पोर्टल पर सही समय पर दर्ज नहीं करना है, इसलिये 75 प्रतिशत से कम उपलब्धि वाले समस्त कर्मचारियों को तत्काल सक्रियता बढ़ाते हुये उपलब्धि अर्जित करना अनिवार्य है।
गर्भवती माताओं का पंजीयन करें सुनिश्चित
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने निर्देशित किया कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिये जाने हेतु गर्भवती महिलाओं को शासकीय अस्पताल में प्रसव तिथि के पूर्व भर्ती करें। गर्भवती महिलाओं की ड्यू लिस्ट एवं हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की सूची ग्राम आरोग्य केन्द्रों तक चस्पा की जाये। अनमोल, 4 ए.एन.सी. चेकअप की समीक्षा करते हुये चौथी तिमाही में 62 प्रतिशत उपलब्धि को कम पाये जाने पर उन्होंने तत्काल शत् प्रतिशत उपलब्धि अर्जित करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विकासखण्ड से 02 मैदानी कर्मचारियों के नाम प्रस्तावित करें जिनकी उपलब्धि सबसे कम है। कार्यक्रम वार सीएचओ, एएनएम, एमपीडब्ल्यू एवं आशा की मॉनिटरिंग की जाये। चार्ट बनाकर जिन्होंने अच्छा काम किया है उन्हें प्रोत्साहित किया जाये एवं शेष जिनकी उपलब्धि अत्यंत कम है, को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये जायें।जिसमें आगामी योजना एवं रणनीति के संबंध में चर्चा की जायेगी। मैदानी कर्मचारी जो अन्य स्थानों पर अटैच किये गये हैं उन्हें डिटैच करने हेतु निर्देशित किया गया। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रविकान्त उइके, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक बारंगा, जिला टीकाकरण अधिकारी एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविन्द भट्ट, जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी तथा जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी डॉ. राजेश परिहार सहित समस्त राष्ट्रीय कार्यक्रमों के कार्यक्रम अधिकारी कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मौजूद रहे।
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