नवरात्रि में क्या करें और क्या न करें
नवरात्रि हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जिसमें मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। यह त्योहार भक्ति, श्रद्धा और आत्मसंयम का प्रतीक है। इन नौ दिनों में भक्तजन उपवास रखते हैं, पूजा-पाठ करते हैं और मां की आराधना में लीन रहते हैं। लेकिन इस दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है ताकि साधना और भक्ति सफल हो सके।
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✅ नवरात्रि में क्या करें
1. साफ-सफाई और शुद्धता
घर और पूजा स्थल को स्वच्छ रखें।
घटस्थापना और मां दुर्गा की प्रतिमा/चित्र के आस-पास वातावरण शुद्ध और पवित्र होना चाहिए।
2. व्रत और सात्विक आहार
श्रद्धा अनुसार उपवास करें।
फल, दूध, साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़े का आटा, आलू, शकरकंद आदि व्रत में खा सकते हैं।
3. नियमित पूजा-पाठ
सुबह-शाम दीप जलाएं और मां दुर्गा की आरती करें।
दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा या देवी कवच का पाठ करें।
4. कन्या पूजन
अष्टमी और नवमी को छोटी कन्याओं को भोजन कराना शुभ माना जाता है।
उन्हें उपहार या प्रसाद देकर आशीर्वाद लें।
5. सकारात्मकता और दान
नौ दिनों तक अच्छे विचार रखें।
जरूरतमंदों की मदद करें और दान-पुण्य करें।
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❌ नवरात्रि में क्या न करें
1. मांस-मदिरा और नशा
शराब, सिगरेट, मांस, मछली, अंडा आदि से दूर रहें।
2. प्याज-लहसुन
व्रत या सात्विक आहार में प्याज और लहसुन का प्रयोग वर्जित है।
3. झगड़ा और नकारात्मक व्यवहार
झगड़ालू स्वभाव, अपशब्द और झूठ बोलना अशुभ माना जाता है।
4. बाल और नाखून काटना
परंपरा के अनुसार नौ दिनों तक बाल और नाखून काटने से बचना चाहिए।
5. अनुशासन तोड़ना
व्रत या पूजा का नियम बीच में न छोड़ें।
अति-आडंबर से भी बचें, सादगी और श्रद्धा से पूजा करें।
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निष्कर्ष
नवरात्रि केवल उपवास और पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि और आत्मसंयम का समय है। इन नौ दिनों में सही आचरण और नियमों का पालन करके भक्त मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करते हैं।
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