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योग से जुड़ा पूरा भारत : मोदी ने भी किया योग.


*🧘‍♂️ योग से जुड़ा भारत, विश्व को दिखा रहा है संतुलन का रास्ता: विशाखापत्तनम से राजवाड़ा तक गूंजा ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ का संदेश*

 21 जून 2025

विशाखापत्तनम से भोपाल और इंदौर तक, आज पूरा भारत योगमय हो गया। 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर देशभर में करोड़ों लोगों ने एक साथ योग किया, लेकिन सबसे बड़ा दृश्य रहा आंध्रप्रदेश के विशाखापत्तनम में — जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन लाख से अधिक नागरिकों के साथ मिलकर योगाभ्यास कर संदेश दिया:

> "योग मानवता का वह pause बटन है, जो आधुनिक जीवन की दौड़ में हमें संतुलन और चेतना देता है।"

*🌱 वर्ष 2025 की थीम – “Yoga for One Earth, One Health”*

इस बार की थीम केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक वैश्विक संदेश बन गई — कि व्यक्ति का स्वास्थ्य और धरती की सेहत एक-दूसरे से जुड़े हैं।
आयुष मंत्रालय के नेतृत्व में देशभर में 1 लाख से अधिक स्थानों पर योग संगम का आयोजन हुआ। ऑनलाइन प्रमाणपत्र, टूलकिट और जन-सामान्य की भागीदारी ने इसे जनांदोलन बना दिया।

*🏛️ मध्यप्रदेश बना योग का जनसरोकार केंद्र*

भोपाल के अटल पथ पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सार्वजनिक योग सत्र का नेतृत्व किया, वहीं इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा पैलेस में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कपालभाति और अनुलोम-विलोम कर लोगों को संदेश दिया कि

> “योग सिर्फ व्यायाम नहीं, यह संस्कृति और चेतना का स्रोत है।”

इन आयोजनों ने योग को धरोहर स्थलों, पर्यटन, और जनसामान्य के जीवन से जोड़ने का भी कार्य किया।

*💼 बोर्डरूम तक पहुँचा योग: CEOs भी जुड़े*

आज का योग केवल पार्कों तक सीमित नहीं रहा। देश-विदेश के प्रमुख कॉर्पोरेट नेता और सीईओ अपने योग अनुभव साझा कर रहे हैं। किसी ने कहा, “प्राणायाम ने मेरी निर्णय क्षमता को तेज़ किया”, तो किसी ने ध्यान को व्यक्तिगत प्रबंधन का अभिन्न हिस्सा बताया।

*🧘जब साँसें जुड़ती हैं, समाज जुड़ता है*

योग अब केवल भारत की परंपरा नहीं रहा, बल्कि एक वैश्विक समाधान बन चुका है — मानसिक तनाव, पर्यावरणीय असंतुलन और जीवन की भागदौड़ के बीच संतुलन स्थापित करने का मार्ग।

आज का योग दिवस हमें याद दिलाता है कि जब साँसें जुड़ती हैं, तो समाज जुड़ता है — और यही भारत की विश्व को दी गई सबसे शांतिपूर्ण क्रांति है।