उझानी(बदायूं)। हापुड़ बुलाकर दो व्यापारियों का अपहरण व पांच लाख रुपये की फिरौती के मामले में पुलिस कॉल डिटेल निकलवा रही है। इसके बाद ही सच्चाई सामने आएगी। पूरे घटनाक्रम में रिश्तेदार द्वारा ही पांच लाख रुपये की फिरौती मांगने की बात समझ नहीं आ रही। इस मामले में हापुड़ व बदायूं पुलिस अपने-अपने तरीके से विवेचना कर रही है। इस दौरान हापुड़ के सिपाही की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव जिरौलिया कुर्मियान निवासी ओमप्रकाश पटेल और रोशननगर गांव के राजू का आरोप है कि रिश्तेदार अक्षय ने अच्छी गुणवत्ता के आलू का सस्ता बीज दिलाने के नाम पर उन्हें हापुड़ बुला लिया था। 22 अक्तूबर को आरोपियों में से एक ने ओमप्रकाश और राजू के परिजनों को फोन कर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी।
शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अगले दिन ही कार्रवाई करते हुए दोनों व्यापारियों को हापुड़ में पहुंचकर मुक्त कराके बदमाश मोनू त्यागी को गिरफ्तार कर लिया और बदायूं ले आई। मोनू ने पूछताछ के दौरान हापुड़ में तैनात सिपाही मोहित के अलावा दो और बदमाशों को अपने गिरोह में शामिल बताया। इसके बाद पुलिस ने विवेचना में सिपाही के साथ फरार बदमाशों के नाम भी शामिल कर लिए थे।
इंस्पेक्टर नरेश कुमार ने शनिवार को अब तक की प्रगति रिपोर्ट तैयार की। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि विवेचना की प्रगति रिपोर्ट हापुड़ के पुलिस अफसरों को भेज दी गई है। इसके आधार पर ही सिपाही मोहित के खिलाफ हापुड़ पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। इससे पहले आलू व्यापारियों में ओमप्रकाश और उनके रिश्तेदार अक्षय सिंह के मोबाइल फोन की सीडीआर भी निकलवाई जा रही है। रिपोर्ट में ओमप्रकाश के बेटे केतन की ओर से कहा गया है कि अक्षय ने ही कॉल की थी। अन्य बदमाशों के नाम मोनू त्यागी ने ही उजागर किए थे।
पुलिस अब कॉल डिटेल से सिपाही व नामजद आरोपियों के बीच हुई बातचीत के बारे में पता करेगी। कॉल डिटेल से यह भी पता चल जाएगा कि किसने कहां से और कब दोनों व्यापारियों को कॉल की। इसके बाद अपहरण की इस कहानी की पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।
-------------------
अक्षय की है घटना में इस्तेमाल कार
आलू व्यापारी ओमप्रकाश पटेल और राजू सिंह को उझानी पुलिस ने जिस कार से मुक्त कराया, वह घटना में नामजद अक्षय सिंह की है। गाजियाबाद जिले के मूल निवासी अक्षय है। वह इससे पहले भी जिले में आता- जाता रहा है। बताते हैं कि वह 18 अक्तूबर को बदायूं जिले के गुलड़िया में आया था। इसके बाद उसके मैनपुरी चले जाने की बात कही जा रही है। एक पहलू यह भी सामने आया है कि अक्षय की कार का एक्सीडेंट नहीं होता तो वह भी पुलिस के हत्थे नहीं आती। कार में उस वक्त अक्षय था या नहीं, इसे लेकर पसोपेश बना हुआ है। हकीकत तो पुलिस की विवेचना पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
SOCIAL PLUGIN (PLEASE FOLLOW US)