उत्तर प्रदेश - हाथरस
जहां मुख्यमंत्री योगी मंच पर खड़े होकर साढ़े तीन लाख लोगों को पट्टे की जमीन पर उनका मालिकाना हक दिलाने के संबंध में भाषण दे रहे थे, उसी मंच के नीचे एक वृद्ध महिला अपनी बैनामा की जमीन पर भूमाफिया द्वारा किए गए अवैध कब्जे को हटवाने के लिए इंसाफ की भीख मांग रही थीं। परन्तु बेशुमार भीड़ के चलते उस वृद्धा की आवाज योगी के कानों तक नहीं पहुंच सकी। 60 वर्ष की राजरानी शर्मा योगी से न्याय मांगने के लिए नारी शक्ति वंदन महिला सम्मेलन हाथरस में शामिल हुईं थीं लेकिन योगीजी के सामने पहुंचने में नाकाम रहीं। राजरानी शर्मा का कहना है कि उनकी बैनामा की जमीन पर भूमाफिया ओमप्रकाश द्वारा जबरदस्ती कब्जा कर लिया गया है।
इस विषय में वृद्ध महिला ने पुलिस थाने में कई बार शिकायत दर्ज की है, परन्तु प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। राजरानी शर्मा के पास बैनामा के सभी ऑरिजिनल दस्तावेज मौजूद हैं, जिन पर जमीन बेचने वाले का नाम, पता, हस्ताक्षर, फोटो और गवाहों के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। वृद्ध महिला शासन और प्रशासन को अब तक 36 प्रार्थना पत्र भी भेज चुकी हैं,परंतु आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। पीड़ित महिला तीन बार मुख्यमंत्री आवास लखनऊ भी जा चुकी हैं परंतु मुख्यमंत्री से मुलाकात करने में सफल नहीं हो पायीं। पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि पुलिस अधिकारी ने मेरा काम करने के लिए 50 हज़ार रुपए मांगे, और लेखपाल ने काम करने से पहले 10 हज़ार रुपए की मांग की। जिले के बड़े अधिकारी भी फटकार के भगा देते हैं।
हाथरस जंक्शन की रहने वाली राजरानी शर्मा ने बताया कि उन्होंने सन् 1996 में यह जमीन पुष्पा देवी से खरीदी थी। पुष्पा देवी भी हाथरस जंक्शन की रहने वाली थीं। 2013 में राजरानी शर्मा के पति पंडित मूलचंद शर्मा की मृत्यु हो गई और वे पति की मृत्यु के शोक लीन हो गईं। इसी बीच उनके पड़ोसी ओमप्रकाश द्वारा उनकी ज़मीन पर कब्जा कर लिया गया।
राजरानी शर्मा का बेटा बाहर काम करता है और बहू की मृत्यु हो चुकी है, और वे अपनी बहू के छोटे छोटे तीन बच्चों को लेकर छोटे से पुराने घर में रहती हैं।
रिपोर्टर दीपक कुमार मीडिया रिपोर्टर
न्यूज़ नेशन एक्सप्रेस
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