उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनाव परिणाम:
उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनाव परिणाम: भाजपा ने जीतीं 6 सीटें, सपा ने 5 सीटों पर दर्ज की बड़ी जीत
हितेश भारद्वाज(लखनऊ): उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) की 11 सीटों के द्विवार्षिक चुनाव के सभी नतीजे घोषित हो चुके हैं। इस चुनाव में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 6 सीटों पर अपना परचम लहराया है, जबकि मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (SP) ने 5 सीटों पर शानदार जीत दर्ज कर कड़ी टक्कर दी है।
इन चुनावों में प्रदेश के 5 स्नातक (Graduate) और 6 शिक्षक (Teacher) निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदान हुआ था। दोनों ही दलों के बीच यह मुकाबला बेहद कड़ा और दिलचस्प रहा।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा का दबदबा
शिक्षक वर्ग की कुल 6 सीटों में से भारतीय जनता पार्टी ने 4 सीटों पर कब्जा जमाया। भाजपा के उम्मीदवारों ने शिक्षक समुदाय के बीच अपनी मजबूत पकड़ साबित की।
• बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट से भाजपा के डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने जीत दर्ज की।
• मेरठ शिक्षक सीट से श्रीचंद शर्मा और लखनऊ शिक्षक सीट से उमेश द्विवेदी विजयी रहे।
• गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट से ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने जीत का परचम लहराया।
• वहीं, विपक्ष की बात करें तो वाराणसी शिक्षक सीट से सपा के लाल बिहारी यादव और आगरा शिक्षक सीट से सपा समर्थित डॉ. आकाश अग्रवाल ने जीत हासिल की।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में सपा का बड़ा उलटफेर
स्नातक वर्ग की 5 सीटों पर समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा, जहाँ पार्टी ने 3 महत्वपूर्ण सीटों पर भाजपा को शिकस्त दी।
• लखनऊ स्नातक सीट: यहाँ सपा की कांति सिंह ने बड़ा उलटफेर करते हुए भाजपा के मौजूदा एमएलसी अवनीश कुमार सिंह को हरा दिया।
• वाराणसी स्नातक सीट: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहाँ सपा के आशुतोष सिन्हा ने भाजपा उम्मीदवार को करारी शिकस्त दी।
• इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट: यहाँ भी समाजवादी पार्टी के डॉ. मान सिंह यादव ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
• भाजपा को स्नातक वर्ग में केवल दो सीटों पर संतोष करना पड़ा, जिसमें मेरठ से दिनेश कुमार गोयल और आगरा से डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने जीत दर्ज की।
निष्कर्ष और राजनीतिक मायने
इन परिणामों से साफ है कि जहाँ एक ओर भाजपा ने शिक्षक सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत रखी है, वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी ने युवाओं और स्नातकों के बीच पैठ बनाकर सत्तापक्ष को चौंकाया है। वाराणसी और लखनऊ जैसी वीआईपी स्नातक सीटों पर सपा की जीत को राजनीतिक विश्लेषक विपक्ष के लिए एक बड़े बूस्टर के रूप में देख रहे हैं।

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