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बदायूं में भाकियू (चढूनी) का अनोखा विरोध प्रदर्शन, 15वें दिन भी जारी धरना.



बदायूं में भाकियू (चढूनी) का अनोखा विरोध प्रदर्शन, 15वें दिन भी जारी धरना

प्रशासन पर अनदेखी का आरोप, किसानों ने भूख हड़ताल और मंडलायुक्त कार्यालय के घेराव की दी चेतावनी

बदायूं | 23 अक्टूबर 2026

बदायूं में मालवीय आवास गृह पर भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) का अनिश्चितकालीन धरना 15वें दिन भी जारी रहा। किसानों का आरोप है कि उनकी समस्याओं पर प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लंबे समय से समाधान नहीं होने पर किसानों ने नाराजगी जताते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।

भाकियू (चढूनी) ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित मामलों में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई नहीं हुई, तो किसान भूख हड़ताल शुरू करने के साथ बरेली मंडलायुक्त कार्यालय का घेराव भी करेंगे।


जमीन के बैनामे को लेकर विवाद

धरने का एक प्रमुख मुद्दा बदायूं तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत बुटला दौलत के मजरा जैनुइया काछ से जुड़ा है। किसानों के अनुसार, प्रेमवती और भगवान दास ने रामदुलार व अन्य लोगों से जमीन का सौदा तय किया था। आरोप है कि बाद में संबंधित जमीन का बैनामा गजराज के नाम कर दिया गया। इस मामले में किसान निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

सार्वजनिक रास्ते और नाले पर कब्जे का आरोप

दूसरा मामला बीएसएनएल कार्यालय के पीछे अब्बासी कॉलोनी से नई सराय के बड़े गेट तक जाने वाले सार्वजनिक रास्ते और नाले से संबंधित है। यूनियन के जिलाध्यक्ष सतीश साहू ने आरोप लगाया कि नाले की सीमा पर करीब आठ फीट ऊंची और 100 फीट लंबी दीवार खड़ी की गई है। साथ ही वहां भारी बीम भी लगाए गए हैं।

किसानों का कहना है कि कथित अतिक्रमण के कारण जल निकासी प्रभावित हो सकती है और बरसात के दौरान क्षेत्र में जलभराव की समस्या गंभीर हो सकती है। उन्होंने संबंधित भूमि की पैमाइश कराकर मामले का समाधान कराने की मांग की है।

मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

किसानों का कहना है कि 15 दिन से धरना जारी रहने के बावजूद उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ है। भाकियू (चढूनी) ने प्रशासन से संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच, सरकारी भूमि की पैमाइश और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

धरने में हरिश चंद्र, बीयीशुदास, लालता देवी, भगवान दास, दिलशाद हुसैन, सूरजपाल, महेंद्र पाल, रामपाल, शरीफ अब्बासी, राशिद अब्बासी, अकरम, प्रेमवती, कामीन, अथर, चीनटू सहित बड़ी संख्या में किसान और यूनियन कार्यकर्ता मौजूद रहे।

रिपोर्ट: मोहम्मद फहीम खान
न्यूज नेशन एक्सप्रेस

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